वाल्मीकि रामायण

वाल्मीकि रामायण: इतिहास का परिचय

वाल्मीकि रामायण संस्कृत साहित्य का महाकाव्य है। इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि जी हैं। यह केवल काव्य नहीं, अपितु इतिहास है।

📖 विशेषता: रामायण इतिहास है क्योंकि यह सच्ची घटनाओं का वर्णन करता है।

'इतिहास' का शाब्दिक अर्थ है "इति + ह + आस" अर्थात "ऐसा ही वास्तव में हुआ था"

मूल वाल्मीकि रामायण में 6 काण्ड हैं। उत्तरकाण्ड बाद में जोड़ा गया था, यह मूल रामायण का भाग नहीं है।

  • 1. बालकाण्ड - 77 सर्ग
  • 2. अयोध्याकाण्ड - 119 सर्ग
  • 3. अरण्यकाण्ड - 75 सर्ग
  • 4. किष्किन्धाकाण्ड - 67 सर्ग
  • 5. सुन्दरकाण्ड - 68 सर्ग
  • 6. युद्धकाण्ड - 131 सर्ग

📌 नोट: उत्तरकाण्ड वाल्मीकि रामायण का मूल भाग नहीं है। अधिकांश विद्वान इसे बाद में जोड़ा गया मानते हैं। मूल रामायण राम के राज्याभिषेक के साथ समाप्त होती है।

यह ग्रन्थ भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र का अद्भुत वर्णन करता है। इसमें मर्यादा, कर्तव्य, प्रेम, त्याग और धर्म का सन्देश मिलता है।

🚩 जय श्रीराम! 🚩